पश्चिम बंगाल के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) खड़गपुर में एक और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। संस्थान के चौथे वर्ष के बीटेक छात्र रितम मंडल का शव उसके हॉस्टल रूम में फांसी पर लटका हुआ पाया गया। यह घटना शुक्रवार सुबह लगभग 11:20 बजे राजेंद्र प्रसाद हॉल के कमरे नंबर 203 में सामने आई, जब साथी छात्रों ने उसे संदिग्ध स्थिति में देखा। पुलिस और संस्थान के अधिकारियों को सूचना दी गई, जिसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

रितम मंडल कोलकाता के रीजेंट पार्क क्षेत्र का निवासी था और मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग का छात्र था। वह हाल ही में समर ब्रेक के बाद कैंपस लौटा था। बताया जा रहा है कि रितम पढ़ाई में बेहद होनहार था। उसके ICSE और ISC में क्रमशः 98.2% और 97.3% अंक थे, और बीटेक के दौरान उसका CGPA भी 8 से अधिक था। वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कोडिंग में गहरी रुचि रखता था। न ही दोस्तों और न ही परिवार को उसकी मानसिक स्थिति को लेकर किसी परेशानी का संकेत था, जिससे यह मामला और भी अधिक रहस्यमय बन जाता है।

यह आत्महत्या IIT खड़गपुर परिसर में सात महीनों में चौथी और पिछले एक साल में पांचवीं मौत है, जिससे संस्थान में मानसिक स्वास्थ्य और छात्र समर्थन प्रणालियों पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। छात्र समुदाय और परिजन इस घटनाक्रम से स्तब्ध हैं और संस्थान में एक सुरक्षित और संवेदनशील माहौल की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को समझते हुए पांच सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी गठित की है। वहीं पुलिस ने भी इस घटना की जांच शुरू कर दी है और सभी संभावनाओं को खंगाला जा रहा है। IIT खड़गपुर के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने बयान जारी कर कहा कि छात्र कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और ‘सेतु’ नामक AI आधारित प्लेटफॉर्म, साथ ही ‘कैंपस मदर्स’ जैसी पहलों के ज़रिए मानसिक स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

रितम की आत्महत्या न केवल एक होनहार छात्र की दुखद समाप्ति है, बल्कि यह शिक्षा संस्थानों में बढ़ते मानसिक तनाव, प्रतिस्पर्धा और समर्थन की कमी पर एक कड़ा सवाल भी है। उम्मीद है कि इस घटना के बाद संस्थान न केवल जांच को निष्पक्ष रूप से अंजाम देगा बल्कि भविष्य में ऐसे हादसे रोकने के लिए ठोस कदम भी उठाएगा।