लखनऊ: उत्तर प्रदेश एटीएस ने एक बड़े धर्मांतरण रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए उसके मास्टरमाइंड 'छंगुर बाबा' को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह आरएसएस से संबद्ध एक संगठन का सदस्य रहा है। छंगुर बाबा पर आरोप है कि वह कमजोर और निर्धन वर्ग के लोगों को पहले बहलाकर अपने मठ में लाता था और फिर उन पर धर्म बदलने का दबाव डालता था।

जांच एजेंसियों के अनुसार, बाबा ने कई वर्षों में बड़ी संख्या में लोगों का जबरन या धोखे से धर्म परिवर्तन कराया है। एटीएस के अनुसार, बाबा के मठ में कई संदिग्ध गतिविधियाँ भी चलती थीं और वहां रह रहे लोगों को मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया जाता था।

छंगुर बाबा खुद को संत और आध्यात्मिक गुरु बताता था, लेकिन उसके संपर्क में आने वाले लोगों को धार्मिक ग्रंथों के नाम पर बरगलाया जाता था। एटीएस अब बाबा से जुड़ी नेटवर्क की कड़ियाँ जोड़ने में जुटी है और पूरे रैकेट का पर्दाफाश करने की कोशिश कर रही है।

बाबा के मोबाइल और दस्तावेजों की जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब तक की जांच में उसके संपर्क देशभर में फैले होने की आशंका जताई गई है। यूपी पुलिस ने इस मामले में और भी गिरफ्तारियों के संकेत दिए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अवैध धर्मांतरण मामलों में कठोर कार्रवाई की जाएगी। मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है, क्योंकि बाबा के कथित तौर पर आरएसएस से जुड़े संगठन से संबंध के आरोप लगने के बाद विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछने शुरू कर दिए हैं।