इन चार परियोजनाओं में से दो का निर्माण ओडिशा में होगा—जहां SiCSem Private Limited और 3D Glass Solutions Inc. की इकाइयां स्थापित की जाएँगी। SiCSem, UK की Clas-SiC Wafer Fab Ltd. के सहयोग से, बॉबिनेश्वर के Info Valley में भारत का पहला व्यावसायिक कॉम्पाउंड सेमीकंडक्टर फैब लगाएगा। यह वार्षिक रूप से 60,000 वेफर्स और 96 मिलियन पैकेज्ड यूनिट्स का उत्पादन करने में सक्षम होगा, जिसका उपयोग रक्षा, EV, डेटा सेंटर, बिजली उपकरण और रक्षा क्षेत्रों में होगा ।
3D Glass Solutions Inc. (US सहयोगी सहित) ओडिशा में उन्नत पैकेजिंग और एम्बेडेड ग्लास सब्सट्रेट सुविधाओं को विकसित करेगा, जिसमें सालाना 5 करोड़ निर्माण यूनिट्स और 13,200 3D Heterogeneous Integration (3DHI) मॉड्यूल्स का उत्पादन शामिल है ।
पंजाब में, Continental Device India Pvt. Ltd. (CDIL) मौजूदा निर्माण सुविधा का विस्तार करेगा, जिसमें लगभग 117 करोड़ रुपए का निवेश होगा और सालाना 15.8 करोड़ यूनिट्स का उत्पादन किया जाएगा ।
आंध्र प्रदेश में, Advanced Systems in Package (ASIP) Technologies एक सेमीकंडक्टर निर्माण इकाई स्थापित करेगा—पहले इसकी निवेश राशि ₹468 करोड़ और वार्षिक क्षमता 9.6 करोड़ यूनिट्स बताई गई है ।
इन चार परियोजनाओं से लगभग 2,034 कुशल पेशेवरों को सीधे रोजगार मिलने की उम्मीद है, साथ ही इससे कई अप्रत्यक्ष रोजगार भी उत्पन्न होंगे ।
यह मंजूरी ISM की स्थापना द्वारा पहले से स्वीकृत 6 परियोजनाओं के बाद आई है, जिससे कुल अनुमोदित सेमीकंडक्टर परियोजनाओं की संख्या 10 हो गई है, और कुल अनुमानित निवेश ₹1.60 लाख करोड़ के पार पहुंच गया है ।
सरकार ने यह कदम आत्मनिर्भर भारत और घरेलू चिप निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना है। इन परियोजनाओं पर तेजी से कार्य शुरू किए जाने की उम्मीद है, जिससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उत्पादन क्षमताओं में व्यापक वृद्धि होगी।
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