भारत को अपने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान LCA तेजस मार्क 1A कार्यक्रम के लिए अमेरिकी कंपनी जेनरल इलेक्ट्रिक (GE) से दूसरा F404‑IN20 इंजन प्राप्त हुआ है। यह विकास रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है 

पहले इंजन की पहली खेप अप्रैल 2025 में आई थी, जिसके बाद अब दूसरा इंजन 14 जुलाई 2025 को भारत पहुंचा है । GE के साथ अगस्त 2021 में हुए 716 मिलियन डॉलर के समझौते के तहत कुल 99 इंजन खरीदने का अनुबंध हुआ था । हालांकि, आपूर्ति श्रृंखला में देरी की वजह से पहला ट्रांसफर मार्च 2025 तक टल गया था, लेकिन अब GE ने मार्च 2026 तक दो इंजन प्रति माह की दर से भेजना शुरू कर दिया है

वर्तमान योजना के अनुसार, HAL को वित्त वर्ष 2025–26 के अंत तक कुल 12 इंजन मिलने की उम्मीद है, जिनकी मदद से LCA मार्क 1A विमानों का उत्पादन सुचारू रूप से आगे बढ़ाया जा सकेगा 

LCA मार्क 1A में नवीनतम AESA रडार, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट, BVR (Beyond Visual Range) मिसाइल और हवाई-से-हवा में रिफ्यूलिंग की सुविधा जैसी अत्याधुनिक प्रणालियाँ जोड़ी गई हैं। यह लोकेल मिराज 2000, जगुआर और मिग‑29 जैसे पुराने विमानों की जगह लेने में सक्षम होगा

HAL का लक्ष्य 2025 में 12 विमान रैंक में शामिल करना है और आगामी वर्षों में सालाना उत्पादन बढ़ाकर 30 विमानों तक ले जाना है  IAF ने फिलहाल 83 मार्क 1A विमानों का ऑर्डर दिया है, और अतिरिक्त 97 विमानों की खरीद प्रक्रिया रक्षा मंत्रालय से मंजूरी के अंतिम चरण में है

इसके अतिरिक्त, सरकार ने GE पर इंजन आपूर्ति में देरी के लिए दंड लगाने की भी संभावना जताई है, जिससे भविष्य में कार्यक्रम में अनुशासन बना रहेगा

निष्कर्ष:
दूसरे GE‑F404 इंजन की प्राप्ति LCA मार्क 1A कार्यक्रम के लिए एक स्वागत योग्य प्रगति है। अगले वर्ष तक निरंतर इंजन आपूर्ति शुरू होने और HAL के उत्पादन लक्ष्य प्राप्त होने से स्वदेशी रक्षा विमानन उद्योग को मजबूती मिलेगी। इस कदम से भारतीय वायुसेना को अपनी ताकत को आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी, साथ ही ‘मेक इन इंडिया’ मिशन को भी प्राथमिकता मिलेगी।