थाईलैंड‑कंबोडिया सीमा संघर्ष के बीच, भारत में कम्बोडिया स्थित भारतीय दूतावास ने 26 जुलाई 2025 को एक एमरजेंसी सलाह जारी करते हुए भारतीय नागरिकों से थाईलैंड‑कंबोडिया सीमा सीमा क्षेत्रों की यात्रा ना करने का आग्रह किया है। हाल के हिंसक झड़पों को देखते हुए यात्रा करने वाले नागरिकों के लिए विशेष हैल्पलाइन नंबर भी साझा किए गए हैं ।

इस संघर्ष की शुरुआत 24 जुलाई 2025 को हुई, जब प्रासात ता मुअन थोम मंदिर के पास दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीमा रेखा पर भारी हथियारों और तोपखाने की गोलाबारी शुरू हुई। थाईलैंड ने आरोप लगाया कि कंबोडियाई सेना ने पहले फायरिंग की, जबकि कंबोडिया ने खुद को आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई के रूप में बताया ।

इस झड़प के दौरान थाईलैंड ने अपने F‑16 लड़ाकू विमान तैनात किए और कंबोडियाई सेना के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की गई। इसके जवाब में कंबोडिया ने थाईलैंड पर नागरिक आबादी, अस्पताल जैसे नागरिक लक्ष्यों को निशाना बनाने का आरोप लगाया ।

संघर्ष ने दोनों देशों के बीच राष्ट्रदूतों को वापस बुलाने और राजनयिक संबंधों को नीचा करने जैसे कड़े कदमों को जन्म दिया। थाईलैंड ने कंबोडिया का राजदूत निष्कासित किया, जबकि कंबोडिया ने थाई राजदूत के खिलाफ समकक्ष कार्रवाई की ।

इस सीमा संघर्ष के परिणामस्वरूप कम से कम 15 से 16 लोगों की मौत हुई जिसमें अधिकांश नागरिक थे, और लाखों लोग विस्थापित हुए। थाईलैंड की जनता और स्थानीय प्रशासन ने मार्शल लॉ की घोषणा, स्कूल बंद करना, और शरणार्थी कैम्पों का निर्माण किया ।

इस बीच, भारतीय दूतावास ने नए सलाह जारी की, जिसमें यात्रियों को सीमा के भीतर के खास पर्यटन क्षेत्रों से दूर रहने, स्थानीय समाचार स्रोतों से अपडेट प्राप्त करने, हैल्पलाइन नम्बरों का अनुपालन, और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है ।

‑कंबोडिया सीमा पर 24 जुलाई 2025 को हिंसात्मक संघर्ष देखने को मिला, जिसके चलते भारतीय दूतावास ने सतर्कता एडवाइजरी जारी की। सीमा क्षेत्रों में यात्रा से गंभीर जोखिम जुड़ा हुआ है। भारतीय नागरिकों को तुरंत सलाह के अनुसार सुरक्षित स्थानों पर रहने और यात्रा योजना पुनर्विचार करने की आवश्यकता है, जब तक स्थिति नियंत्रण में नहीं आ जाती।