25 अगस्त 2025 को केंद्र सरकार ने दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को प्रदान की गई Z-श्रेणी CRPF सुरक्षा कवच वापस ले लिया है। यह सुरक्षा कवच उस हमले के कुछ ही दिनों बाद दिया गया था जिसमें सीएम को उनके शिविर कार्यालय (जन्सुनवाई कार्यक्रम के दौरान) पर हमले का सामना करना पड़ा था। अब उनकी सुरक्षा को फिर से पूरी तरह से दिल्ली पुलिस को सौंपा गया है।

संदर्भ और घटनाक्रम

20 अगस्त 2025 को रेखा गुप्ता पर जनसुनवाई के दौरान हमला हुआ था, जिसे उनकी सुरक्षा में चूक के रूप में देखा गया था। इसके तुरंत बाद गृह मंत्रालय (MHA) ने सुरक्षा को Z-श्रेणी CRPF कमांडो से प्रदान करने का निर्देश जारी किया था।

हालांकि, इस निर्णय के औपचारिक आदेश जारी होने से पहले ही सुरक्षा की व्यवस्था में बदलाव कर दिया गया—CRPF की तैनाती वापस ले ली गई और सुरक्षा जिम्मेदारी दोबारा दिल्ली पुलिस को सौंप दी गई।

गिरफ्तारी और जांच

इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य आरोपी हैं सकरीया राजेशभाई खिमजी, जो राजकोट (गुजरात) का ऑटो-रिक्षा चालक है। इस व्यक्ति पर कई पुराने मामले दर्ज हैं, और वह हमले की योजना में शामिल पाया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए, दिल्ली पुलिस अब उसकी ईंटेलिजेंस आधारित पूछताछ में जुटी हुई है।

सुरक्षा श्रेणियों का सार

भारत में VIP सुरक्षा श्रेणियाँ होती हैं—SPG, Z+, Z, Y+, Y, और X। Z-श्रेणी में लगभग 22 कर्मी (CRPF कमांडो और पुलिसकर्मी), और एक एस्कॉर्ट व्हीकल शामिल होता है। इस श्रेणी में सुरक्षा हटाए जाने का मतलब है कि अब रेखा गुप्ता की सुरक्षा पूर्ववत—स्थानीय पुलिस बल द्वारा प्रमुख रूप से संभाली जाएगी।


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निष्कर्ष

केन्द्रीय सरकार द्वारा Z-श्रेणी CRPF सुरक्षा वापस लेने का फैसला, हमले से जुड़ी तेज कार्रवाई और जांच की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। सुरक्षा चूक की गंभीरता ने एक ओर तत्काल सुरक्षा बढ़ाने की पहल की, वहीं दूसरी ओर इस कवच को वापस लेकर फिर से पुलिस द्वारा निगरानी सुनिश्चित की गई। इस घटना ने दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्थाओं की संवेदनशीलता और त्वरित नीति निर्णयों की भूमिका को उजागर किया है।