भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) ने आखिरकार यह स्पष्ट कर दिया है कि विराट कोहली और रोहित शर्मा को टेस्ट क्रिकेट से हटने का निर्णय पूरी तरह से उनकी अपनी मर्जी था, बोर्ड की कोई मजबूरी नहीं थी। बोर्ड के उप-अध्यक्ष राजीव शुक्ला ने इस बात पर जोर दिया कि बीसीसीआई की कोई भी नीति खिलाड़ियों को ‘रिटायर’ होने के लिए प्रेरित नहीं करती

माना जा रहा था कि दोनों दिग्गज खिलाड़ियों ने अपने संन्यास की घोषणा साधारण तारीखों में की: रोहित शर्मा ने इंस्टाग्राम स्टोरी (7 मई, 2025) के माध्यम से टेस्ट से संन्यास लेने की घोषणा की, जबकि विराट कोहली ने 12 मई, 2025 को एक लंबा संदेश पोस्ट किया । रोहित 67 टेस्ट में 4301 रन (औसत 40.57) और विराट 123 टेस्ट में 9230 रन (औसत करीब 46) के साथ विदा हुए

कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह बात सुनने में आई कि बीसीसीआई या चयनकर्ताओं ने इन्हें इंग्लैंड दौरा से पहले हटने के लिए कहा है । लेकिन राजीव शुक्ला ने लंदन में ANI न्यूज एजेंसी को दिए बयान में कहा:

“मैं साफ करना चाहता हूँ कि रोहित शर्मा और विराट कोहली ने यह निर्णय स्वेच्छा से लिया है। बीसीसीआई की नीति कभी भी किसी खिलाड़ी को ‘रिटायर’ कहने की नहीं होती।”

वे आगे कहते हैं कि दोनों खिलाड़ियों की अनुपस्थिति महसूस की जा रही है, लेकिन अच्छे संकेत यह है कि वे अभी भी वनडे और टी20 क्रिकेट के लिए उपलब्ध हैं


क्या अब टीम इंडिया का युवा आधार मजबूत?

विराट और रोहित की अनुपस्थिति में भारतीय टीम शुबमन गिल की अगुवाई में इंग्लैंड में युद्धस्तर पर मुकाबला कर रही है। फिलहाल श्रृंखला में 1-2 से पीछे है, लेकिन कई सीशन्स में युवाओं ने शानदार प्रदर्शन किया है । नोयर टेस्ट मात्र 22 रनों से हारकर भी भारत ने कड़ी टक्कर दी, और अब चौथा टेस्ट 23 जुलाई, 2025 से मैनचेस्टर में खेला जाएगा


वि‍राट कोहली और रोहित शर्मा ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास अपने निर्णय के अनुसार लिया है — बिना किसी बाहरी दबाव के। बीसीसीआई ने उनकी इज्जत की है और उन्हें ‘दिग्गज बल्लेबाज’ की संज्ञा दी है। अब टीम की जिम्मेदारी युवा खिलाड़ियों के कंधों पर है, जो लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।