USGS के अनुसार, भूकंप स्थानीय समय के अनुसार सुबह के समय आया और इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर मापी गई। भूकंप के झटके कई किलोमीटर दूर तक महसूस किए गए। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के जानमाल के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशांत सुनामी चेतावनी केंद्र (PTWC) ने कहा कि इस भूकंप के बाद सुनामी तरंगें रूस के पूर्वी तट, जापान, अलास्का और अमेरिकी पश्चिमी तट तक पहुंच सकती हैं। विशेष रूप से कम ऊँचाई वाले क्षेत्रों और समुद्र किनारे स्थित इलाकों में लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
रूस के आपातकालीन मंत्रालय ने राहत और बचाव टीमों को सतर्क रहने का आदेश दिया है और तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जापान में भी सरकार ने समुद्र तटों पर सभी प्रकार की गतिविधियों पर अस्थायी रोक लगा दी है।
हालांकि कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक सुनामी तरंगें इतनी ऊँची नहीं होंगी कि बड़े पैमाने पर नुकसान कर सकें, फिर भी संभावित जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने कोई ढील न देने का फैसला किया है।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि भूकंप के झटके बहुत तेज थे और कई लोग डर के कारण घरों से बाहर निकल आए। अधिकारियों ने कहा है कि हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर और कड़े कदम उठाए जाएंगे।
यह घटना एक बार फिर दुनिया को प्राकृतिक आपदाओं की अनिश्चितता और उनकी गंभीरता की याद दिलाती है।
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